मन्नत
Sunday, 24 July 2011
सोच इंसानियत की
ये जो सोच हे इन्सान को जीने के तरीके में मदत करती हे .
पर जिन्दगी एक एहसास की भांति जीने में भरोसा करती हे
ताकि इंसानियत पे कभी हेवानियत न हावी हो सके
क्यो की हेवानियत के चलते इन्सान वेह्शी हो जाता हे और हर रिश्ते और नाते
को भोल जाता हे
Tuesday, 22 March 2011
love
एक अनोखा अहसास जो लोगो के जीनें का तरीका बदल दे
एक अजीव सि बेचेनी जगा ने के सात
नए नए खोआबो को जगा देता हे
जीने और मरने की कसमो को अपने जीवन में जगह देने लगते हे
पर न जाने क्यों इन कसमो के बाद भी एक अनोखी सी कशिस रहती हे
इस प्यार की कशिस में हर किसे को पनाह नही मिलती
प्यार की इस अनोख कशिस को पाने के लिए न जाने कितने बेताब रहते हे
पर कुछ ही ख़ुश नसीब होते हे जिन्हें इस अहसास को समजने का मोका किस्मत देती हे
उन खौस नसीब में से में भी एक हूँ 1
Friday, 18 March 2011
जिस के आते ही आपके सोचने और समजने का नजरिय बदल जाये ,
और आप कुछ बेहूदा सी हरकत करने लगे , तो ये समज लेना की तुम्हरी जिन्दगी में गम के बदलो का साया मंडराने बाला हे
और तुम को ये पता भी नही चलेगा की न जाने कब टॉम मेरे जयेसे बेहोदा बन जाओगे
Thursday, 10 March 2011
अपनों ने मेरे नसीब को पल में बदल दिया
रहो में बस तनहा मुझे अकेला छोड़ दिया
Monday, 21 February 2011
उनकी तलाशमें
जीवन की तलाश में सारे पल को जी लिया !
पर जीना भी था किसी और के लिए
बस जीते गए इन रहो में उन के लिए !
पर रास्तो को क्या हो गया ?
इक बार तो देखा होतो पलट के उन ने हमें
जिन के लिए हम ने ये जहमत की !
उन के इस बर्ताब से हम सहमे से गये और थम भी गये !
बस अब इन यादो में हम जीते रहे और जीते रहे !
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