मन्नत
Sunday, 24 July 2011
सोच इंसानियत की
ये जो सोच हे इन्सान को जीने के तरीके में मदत करती हे .
पर जिन्दगी एक एहसास की भांति जीने में भरोसा करती हे
ताकि इंसानियत पे कभी हेवानियत न हावी हो सके
क्यो की हेवानियत के चलते इन्सान वेह्शी हो जाता हे और हर रिश्ते और नाते
को भोल जाता हे
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