Tuesday, 30 December 2014

तब विरोध क्यों नहीं किया जब __________________________
जब हम ''मानव'' स्वयं अपने ''देवी देवताओं'' का रूप धारण कर लेते है
हम रामलीला और रासलीला के नाम पर भगवान बनने का ढोंग करते है
भगवान के नाम पर झूठी 'शपथ' लेते है, भीख मांगते है, चन्दा मांगते है
भगवान का प्रतिनिधित्व (दलाली) करते है, मोक्ष एवं मुक्ति का व्यापार
हमने ''कभी'' विरोध नहीं किया ? _____ परिणाम _____________
आज भगवान के नाम का इस्तेमाल सिनेमा व विज्ञापनों में होने लगा है
तो भाई ये दोष किसका है ? _____________________________
कोई बताएगा ! ये आज हम किस का ''विरोध'' किस से कर रहे है ? .....
 जबकि भगवान तो 'निराकार' है वो हमारे निश्चय में है, विश्वास में है ! ..

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